देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 14 सितंबर को गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ समेत कई इलाकों में 14 से 15 सितंबर के बीच बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार, सिक्किम और ओडिशा में भी इस दौरान मौसम खराब रहने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में झमाझम बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। केरल, आंध्र प्रदेश और माहे में 14 से 15 सितंबर के दौरान तेज बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आंधी चलने की भी आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कहीं-कहीं हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेलंगाना में भी 14 और 15 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में 13 से 19 सितंबर के दौरान हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, उत्तर भारत के कई राज्यों में भी मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 14 सितंबर को हल्की बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद में बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
मौसम के इस बदलाव को देखते हुए भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। खुले इलाकों में आंधी के दौरान जाने से बचना और मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।