अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल का ने बताया, "माघ मेले का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी तक किया जाना है.पूरे मेला क्षेत्र को ASP के नेतृत्व में चार ज़ोन में बांटा गया है.करीब 1,000 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं.ICCC के माध्यम से सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। ड्रोन और AI आधारित कैमरों से निगरानी की जाएगी। ATS टीम, STF, बाढ़ राहत यूनिट, PAC के जवान और RAF की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी
प्रयागराज में 3 जनवरी 2026 से शुरू होने वाले आगामी माघ मेले की सुरक्षा को इस बार सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए प्रशासन महाकुंभ के स्तर की तैयारियां कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए व्यापक और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। मेले की सुरक्षा में लगभग 5,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा, जो आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था में यूपी एटीएस (ATS), एसटीएफ (STF), एलआईयू (LIU) और अन्य कई खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी रखेंगी। दिल्ली में हाल ही में हुए धमाकों को देखते हुए यूपी एटीएस को भी जिम्मेदारी दी गई है और किला घाट के पास उनका स्पॉट बनाया गया है। मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी पुलिस थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं।
मेले के हर कोने पर पैनी नज़र रखने के लिए 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनमें से कई कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित होंगे, जिनमें फेस रिकॉग्निशन तकनीक भी शामिल है, जो भीड़ में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को तुरंत पहचानने में सक्षम होगी। पूरे मेला क्षेत्र की 24 घंटे निगरानी के लिए विभिन्न ज़ोन में ड्रोन भी तैनात रहेंगे। हालांकि, बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने पर पूर्णतः रोक रहेगी।
सुरक्षा के लिए बम डिस्पोजल स्क्वाड और डॉग स्क्वाड की टीमें भी लगातार जांच और निगरानी कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं मेले की तैयारियों का जायजा लिया है और सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं पर विशेष बल दिया है। स्नानार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गंगा के गहरे पानी वाले हिस्सों में लगभग 8 किलोमीटर लंबी डीप वाटर बैरिकेडिंग (प्लास्टिक की जाली) लगाई जाएगी। जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें नावों से लगातार गश्त करेंगी ताकि पानी में होने वाली किसी भी दुर्घटना को रोका जा सके।
रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रमुख ट्रेनों को प्रयागराज जंक्शन के बजाय सूबेदारगंज स्टेशन से संचालित किया जाएगा और स्टेशनों पर भी अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर, इस बार के माघ मेले में भक्तों को सुरक्षित और सुगम अनुभव प्रदान करने के लिए पारंपरिक पुलिस बल के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और खुफिया एजेंसियों का एक मजबूत तालमेल देखने को मिलेगा।