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Mamata Banerjee Slaps TMC Worker: TMC की रैली में ममता ने खोया आपा पार्टी कार्यकर्ता को मारा थप्पड़!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 09 Jul 2026 04:30 AM IST

कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की रैली के दौरान उस समय अफरातफरी और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ एकत्र हो गई। इस दौरान पार्टी प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में दावा किया गया कि भीड़ को नियंत्रित करने और कार्यकर्ताओं को पीछे हटाने के दौरान ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को थप्पड़ मारा और उनकी पीठ पर हाथ से धक्का या प्रहार किया। वीडियो में एक कार्यकर्ता को थप्पड़ मारते हुए तथा अन्य लोगों को पीछे हटाने का दृश्य दिखाई देता है। घटना के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी की आलोचना की, जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री भीड़ को नियंत्रित करने और अव्यवस्था रोकने की कोशिश कर रही थीं।

घटना के बाद ममता बनर्जी ने पूरे मामले के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी रैली को हाई कोर्ट की अनुमति मिलने के बावजूद सुबह से ही इलाके में तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि जब पहले अभिषेक बनर्जी ने डीजे बजाने का मुद्दा उठाया था, तब सीआईडी को जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन इस बार सुबह छह बजे से ही तेज आवाज में डीजे बजाने की अनुमति किसने दी, यह सवाल उठता है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि सुबह से 400–500 बाइकों पर सवार भाजपा समर्थक उनके इलाके में घूम रहे थे, नारेबाजी कर रहे थे और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे थे। उनके अनुसार, यह सब माहौल खराब करने और रैली में व्यवधान पैदा करने की साजिश का हिस्सा था।

ममता बनर्जी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को जानबूझकर बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप था कि बाहरी तत्वों और राजनीतिक विरोधियों द्वारा तनाव पैदा कर राज्य का माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अपनी प्रशासनिक विफलताओं और आंतरिक अव्यवस्था का दोष विपक्ष पर मढ़ रही है। भाजपा नेताओं ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ ऐसा व्यवहार उनकी कार्यशैली को दर्शाता है।

फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई घटनाओं और विभिन्न पक्षों के आरोप-प्रत्यारोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना आवश्यक है। इसलिए इस मामले को राजनीतिक दावों और उपलब्ध वीडियो के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए, जब तक कि संबंधित एजेंसियां या आधिकारिक जांच पूरी तस्वीर स्पष्ट न कर दें।

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