नोटबंदी के मुद्दे पर काशी विद्वत परिषद् के शास्त्रार्थ में विद्वानों ने अलग-अलग राय रखी। नोटबंदी विषय पर शास्त्रार्थ की रीति से चर्चा की गई जिसमें प्रश्न पक्ष और उत्तर पक्ष को आधार बनाया गया था। शास्त्रार्थ में ब्रह्मचारी सुबुद्धानन्द, अग्नि अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मचारी रामकृष्णानंद समेत कई विद्वान शामिल हुए।