एक ओर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारे के साथ सरकार महिला सशक्तिकरण का तानाबाना बुन रही है, तो वहीं गरीबी की मार बेटियों के शिक्षा की राह में रोड़ा बनी हुई है। इसकी एक दुखद तस्वीर झांसी के मऊरानीपुर के गांव बुढ़ाई में सामने आई। जहां चार बेटियों की मजबूर मां रामप्यारी अपनी बेटियों को पढ़ाना तो चाहती है, लेकिन पैसों की तंगी होने की वजह से उसकी बेटियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया।