उपमंडल बंगाणा के ऐतिहासिक पीपलू मेले के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रस्तावित आगमन को लेकर भाजपा ने स्वागत करते हुए उनसे कुटलैहड़ क्षेत्र में बंद हुए संस्थानों को पुनः खोलने और रुके विकास कार्यों को दोबारा शुरू करने की मांग की है। यह बात भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कही। उन्होंने कहा कि पीपलू मेला, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के समय जिला स्तरीय दर्जा प्राप्त हुआ था, को भाजपा कार्यकाल में पशु मेले, विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी और खेल-कूद कार्यक्रमों के साथ विस्तारित किया गया था। कंवर ने बताया कि वर्ष 2022 में मेले के आयोजन स्थल की सीमितता और मौसम के कारण उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए जल शक्ति विभाग के रेस्ट हाउस और सड़क निर्माण की लगभग ₹2 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई थी, जो सरकार बदलने के बाद अधर में लटक गई। पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि चूंकि यह मेला उनके गृह ज़िले के साथ पड़ता है और यहां के लोगों का भी मुख्यमंत्री को भरपूर समर्थन प्राप्त है, ऐसे में वे यहां कला एवं संस्कृति से संबंधित एक ऑडिटोरियम की घोषणा करें। वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कुटलैहड़ क्षेत्र के 14 संस्थान बंद कर दिए गए, जिनमें बिजली बोर्ड का डिवीजन, सॉयल कंजर्वेशन का सब-डिवीजन, बसाल का एसएमएस ऑफिस, एक कानूनगो सर्किल, चार पटवारखाने, दो वेटनरी हॉस्पिटल और चार वेटनरी डिस्पेंसरी शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि इन संस्थानों को जनता की आवश्यकताओं को देखते हुए पुनः आरम्भ किया जाए।