नववर्ष के आगमन पर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी मंदिर में भव्य नववर्ष मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक के साथ-साथ मनोहारी वातावरण का अनुभव मिलेगा। नववर्ष मेला 31 दिसंबर और 1 जनवरी को कुल दो दिनों तक आयोजित रहेगा। प्रशासन की ओर से मेले की तैयारियों को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल को नववर्ष मेले का मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन, पुलिस, मंदिर न्यास और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि 31 दिसंबर को रात तक श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन पास बनाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक बढ़ने और मंदिर परिसर में लंबी लाइनें लगने की स्थिति में सुगम दर्शन पास व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद की जा सकती है, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में नारियल ले जाने पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील की गई है। नववर्ष के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के मां चिंतपूर्णी के दरबार में पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए यातायात, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे संयम और श्रद्धा के साथ दर्शन करें, ताकि सभी भक्त मां के दर्शन का लाभ शांतिपूर्ण ढंग से उठा सकें।