उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की ग्राम पंचायत सोहरी के गांव बड़ूहा के किसान सतीश कुमार ने गन्ने की खेती की ओर कदम बढ़ाते हुए गुरुवार को अपने खेतों में गन्ने की बिजाई शुरू कर दी। क्षेत्र में पारंपरिक फसलों के बीच गन्ने की खेती अपनाने का उनका यह प्रयास अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। सतीश कुमार का कहना है कि गन्ने की खेती में अन्य फसलों की तुलना में अधिक मेहनत की आवश्यकता नहीं होती। यदि समय पर सिंचाई और देखभाल की जाए तो यह फसल अच्छा उत्पादन देती है। उन्होंने बताया कि गर्मियों के दौरान यदि एक-दो बार अच्छी बारिश हो जाए, तो गन्ने की पैदावार और भी बेहतर होने की संभावना रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में लोगों का रुझान प्राकृतिक और पारंपरिक खाद्य पदार्थों की ओर बढ़ रहा है। बाजार में गुड़ और देसी शक्कर की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे गन्ना उत्पादकों को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद रहती है। सतीश कुमार के अनुसार, खासकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग रिफाइंड चीनी की बजाय गुड़ और शक्कर को अधिक पसंद कर रहे हैं। किसान का कहना है कि मधुमेह (शुगर) से पीड़ित लोग भी सीमित मात्रा में गुड़ और शक्कर का सेवन बेहतर विकल्प मानते हैं, जिसके चलते इनकी खपत में वृद्धि देखी जा रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने गन्ने की खेती अपनाने का निर्णय लिया। स्थानीय स्तर पर यदि गन्ने से जुड़े उत्पादों का उत्पादन बढ़ता है, तो इससे किसानों की आय में इजाफा होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। क्षेत्र के अन्य किसान भी अब इस ओर रुचि दिखा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में गन्ने की खेती का रकबा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।