बैरियां-चौकीमन्यार सड़क रविवार से ठप पड़ी है। यह सड़क न केवल बैरियां बल्कि सूरी, जाबेहड़, जांदोह, कृष्णानगर और बाडूहा गांवों को अंब, ऊना और बड़ूही से जोड़ती है। इस सड़क का बंद होना सीधे-सीधे हजारों लोगों की दिनचर्या पर भारी पड़ रहा है। ग्रामीणों को अब 15 किलोमीटर लंबा चक्कर काटकर आना-जाना पड़ रहा है। सड़क पर भूस्खलन से गिरा मलबा जगह-जगह जमा है। लोग मजबूरी में पैदल इस मार्ग से गुजर रहे हैं, लेकिन यह सफर खतरे से खाली नहीं है। कहीं भी ढलान से और मलबा गिर सकता है और किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। सोमवार को लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी सड़क बहाली के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क पर जमा मलबे को नाले में फेंकना शुरू किया। लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि नाला बंद होते ही बरसाती पानी सीधे उनके घरों में घुसेगा। ग्रामीणों के विरोध की सूचना कनिष्ठ अभियंता सुरेश कुमार तक पहुंची। उन्होंने मौके पर मौजूद जेसीबी को तुरंत काम बंद करने और मशीन वापस बुलाने के आदेश दे दिए। इसके बाद से आज तक विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। चार दिन बीतने के बावजूद सड़क जस की तस बंद पड़ी है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क बहाली का काम शुरू नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।