ऊना जिले के बड़ूही के टकारला गांव में चल रही राम कथा के छठे दिन कथावाचक निखिल महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास की कथा को भावुक और गूढ़ शैली में श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, श्रद्धालु भाव-विभोर होते गए और वातावरण में भक्ति की तरंगें फैल गईं। निखिल महाराज ने बताया कि किस प्रकार राजा दशरथ ने कैकेयी के दो वरदानों के चलते अपने प्रिय पुत्र राम को चौदह वर्षों के लिए वनवास भेजा। कथावाचक ने बनवास काल के प्रमुख प्रसंगों को भी विस्तार से बताया। श्रद्धालुओं ने कथा के दौरान जय श्रीराम के नारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे और कथा का श्रवण किया। कथा के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।