पूर्व कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा ने ऊना में पत्रकार वार्ता संबोंधित करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए। कहा कि सुक्खू सरकार इन 20 महीनों में फेल होकर रह गई है। इस दौरान कर्मचारियों से लेकर जनता तक सब परेशान हैं। इसे लेकर मैं जहां भी जिस भी जिले में जा रहा हूं। वहां कर्मचारी व पेंशनर्ज सभी सरकार की कार्यप्रणाली से खफा हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू पर तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश एक शांति प्रिय प्रदेश है इसे बांगलादेश मत बनाओ। कहा कि सरकार लगातार कर्ज पर ले रही है। इसका दंश आने वाले समय में प्रदेश की जनता को झेलना पड़ेगा। उन्होंने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार श्वेत पत्र जारी करे ताकि सच जनता के सामने आ सके। कहा कि अगर मुख्यमंत्री सरकार चलाने में सक्षम नहीं है तो उन्हें त्याग पत्र दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 190000 पेंशनर है। जिनमें से 7000 पेंशनर की बिलों के भुगतान का इंतजार करते-करते मौत हो गई है।