जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना की की ओर से एसडीआरएफ व एनडीआरएफ 14वीं बटालियन के सहयोग से शुक्रवार दोपहर को हरोली उपमंडल के गांव बाथडी स्थित वर्धमान इस्पात उद्योग परिसर में आपदा प्रबंधन के विषय में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल में आग के साथ अन्य औद्योगिक आपदाओं की स्थिति को दर्शाते हुए राहत व बचाव कार्यों के संबंध में व्यवहारिक अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल दोपहर 12:00 बजे चेतावनी सायरन के साथ आरंभ हुई। इसके तुरंत बाद वर्धमान इस्पात उद्योग प्रबंधन ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को दूरभाष नंबर 1077 पर सूचित किया गया तथा डीडीएमए ऊना को अति शीघ्र संबंधित विभागों को सूचना दी गई। इसके बाद वर्धमान इस्पात उद्योग बाथरी के परिसर में राहत व बचाव कार्यों को व्यावहारिक रूप में अमलीजामा पहनाए गया। मॉक ड्रिल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी प्रतिभागी विभाग एक स्थल पर एकत्रित हुए तथा मॉक ड्रिल प्रक्रिया में की गई कार्रवाई का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एवं सीइओ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य लक्ष्य और उद्देश्य औद्योगिक आपदा प्रबंधन के संबंध में जिले की आपातकालीन प्रतिक्रिया और मानक संचालन प्रक्रियाओं की समीक्षा करना और जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के आपातकालीन सहायता कार्यों के बीच समन्वय को बढ़ाना, उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को उजागर करना था। इस अवसर पर मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर नफीस खान, एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर एसके ठाकुर, अग्निशमन अधिकारी नितिन धीमान, उद्योग विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र नेगी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना की ओर से धीरज कुमार, वर्धमान इस्पात उद्योग बाथरी के प्रबंधक व श्रमिकों के अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पुलिस, अग्निशमन तथा हिमाचल होम गार्ड्स की 12वीं बटालियन ऊना सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित थे।