हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं पर वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 500 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से अब तक करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। शुक्रवार को उन्होंने हरोली में लगभग 36 करोड़ रुपये की विभिन्न पेयजल और सिंचाई योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए। इसके अलावा टाहलीवाल सीवरेज योजना का भी शिलान्यास किया। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल उपलब्धता और खेतों की सिंचाई बड़ी चुनौती रही है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ऐसी योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जो मौजूदा जरूरतों के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी पूरा कर सकें। उन्होंने बताया कि करीब 101 करोड़ रुपये की योजना के तहत क्षेत्र के लगभग 136 पुराने ट्यूबवेलों की री-ड्रिलिंग की जा रही है। ये ट्यूबवेल पहले स्थापित किए गए थे, लेकिन समय के साथ बंद हो गए या काम करना बंद कर चुके हैं। इस परियोजना में लगभग 50 नए जल भंडारण टैंकों के निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का भी प्रावधान है। 75 करोड़ से बीत क्षेत्र सहित कई इलाकों को मिलेगी सिंचाई सुविधा उप मुख्यमंत्री ने बताया कि बीत क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस परियोजना से बीत क्षेत्र के अलावा पालकवाह और कर्मपुर से बटकलां तक के किसानों को लाभ मिलेगा। इसके लिए पालकवाह-कर्मपुर के आसपास मुख्य पंप हाउस बनाया जा रहा है। योजना में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में अब तक 88 जल भंडारण टैंक बनाए जा चुके हैं, जबकि 50 अन्य टैंकों का निर्माण किया जाएगा। इससे क्षेत्र में पानी संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी और गर्मियों सहित अन्य मौसमों में पेयजल की उपलब्धता बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने यह भी बताया कि करीब 100 करोड़ रुपये की एक अन्य योजना स्वीकृति के करीब है। इससे पंडोगा क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन बिछाने, जल भंडारण ढांचे तैयार करने और खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के कार्य जारी हैं। आपदा राहत राशि के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर उप मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की वित्तीय चुनौतियों को दूर करने के लिए विपक्ष ने सहयोग नहीं किया। उनके अनुसार, राजस्व घाटा अनुदान (RDG), जीएसटी मुआवजे और केंद्र से मिलने वाली अन्य वित्तीय सहायता में कमी का असर राज्य के संसाधनों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि संघीय व्यवस्था में राज्यों को करों में निर्धारित हिस्सा मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है, इसे किसी तरह की खैरात नहीं माना जाना चाहिए। वित्तीय चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेता विकास कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं, जबकि प्रदेश में चल रही परियोजनाओं में राज्य का भी योगदान है। उन्होंने बताया कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में इस समय 18 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही छूटे हुए संपर्क मार्गों को जोड़ने का काम भी जारी है। उन्होंने पंडोगा-त्यूड़ी पुल सहित अन्य परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर श्रेय लेने की राजनीति की जा रही है, जबकि इन परियोजनाओं में केंद्र के साथ प्रदेश की भी निर्धारित हिस्सेदारी रहती है।