क्रशर कारोबार को माफिया नहीं इंडस्ट्री कहा जाए। यह बात जेएस प्लाजा होटल ऊना में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए क्रशर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजिंद्र ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए क्रशर वेलफेयर एसोसिएशन पौधरोपण करने जा रही है। प्रदेश की प्रत्येक जिला की एसोसिएशन की इकाई अपने-अपने जिला में पौधरोपण करेगी। कहा कि क्रशर कारोबार जो लीगल तरीके से हो रहा है, उसका साथ देने के लिए एसोसिएशन सरकार प्रशासन और विभाग के साथ है । यदि कोई गैरकानूनी तरीके से कारोबार करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए एसोसिएशन सरकार प्रशासन और विभाग के साथ है। इस कारोबार से सैकड़ों लोगों को रोजगार प्रदान किया किया है और सरकार के साथ विकास में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ऊना में राज्य स्तरीय ग्रीन माइनिंग डे के तहत कार्यक्रम का आयोजन बसाल में किया जा रहा है । इसमें जिला ऊना में 5100 पौधे लगाए जाएंगे और प्रत्येक इकाई भी प्रदेश में पौधे रोपित करेगी।पूरे प्रदेश में सितंबर महीने में एक लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है। कहा कि हिमाचल में 350 के करीब क्रशर उद्योग हैं और प्रत्येक इकाई कम से कम 200-200 पौधे अपने-अपने क्षेत्र में लगाएगी।