अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को गगरेट क्षेत्र के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चलेट में महिला सशक्तिकरण को समर्पित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों और छात्राओं को उनके अधिकारों, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं पर जागरूक किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्री शक्ति एनजीओ की चेयरपर्सन रेखा जमवाल ने महिला सशक्तिकरण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किशोरियों को उनके अधिकारों, शिक्षा के महत्व, जालसाजों से कैसे बचा जाए, आत्मनिर्भरता, और समाज में सकारात्मक योगदान देने के विभिन्न तरीकों पर जागरूक किया। रेखा जमवाल ने कहा कि सशक्त महिलाएं ही एक सशक्त समाज का निर्माण करती हैं। उन्होंने छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें हर चुनौती का डटकर सामना करने की सीख दी। कार्यक्रम में सीएचसी गगरेट की चिकित्साधिकारी डॉ. हरप्रीत कौर ने छात्राओं को स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों, पोषण के महत्व, मासिक धर्म स्वच्छता, तनाव प्रबंधन और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने किशोरियों को बताया कि एक स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क उनके भविष्य की नींव है। छात्राओं का संवाद और उत्साह कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, छात्राओं और मुख्य अतिथियों के बीच संवाद हुआ और छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण तथा स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अपने सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने स्पष्ट और प्रेरक उत्तर दिया। इस संवाद ने छात्राओं को न केवल जानकारी दी, बल्कि उन्हें अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने का भी मौका दिया। स्कूल के प्रधानाचार्य बालक राम और पूर्व प्रधानाचार्य राम पाल ने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मददगार साबित होते हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों को अत्यंत प्रशंसनीय बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। इस तरह के आयोजनों से किशोरियों में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ती है, जो उन्हें एक सशक्त और आत्मनिर्भर महिला के रूप में विकसित करने में मदद करता है। अपराजिता' कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम साबित हुआ। इस अवसर पर डॉ रितिका पाराशर, अरविन्द डडवाल तथा रेनू चौधरी सहित काफ़ी संख्या में अध्यापक और अध्यापिकाएं मौजूद थीं।