सतौन-रेणुकाजी सड़क की खस्ताहालत पर ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। ग्रामीणों ने अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेले के पहले दिन ही सतौन बस अड्डे पर रोष प्रदर्शन करते हुए लोक निर्माण विभाग के खिलाफ जमकर नारे बाजी की। समाजसेवी नाथूराम भी इस मौके पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने यहां से गुजर रहे लोक निर्माण विभाग सतौन के सहायक अभियंता की गाड़ी को भी रोक दिया और सड़क की खस्ताहाल को लेकर जमकर खरी खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह एसी कमरों से बाहर निकलकर जरा सड़क पर घूमें, ताकि उनका सड़क की बदहाली का पता चले। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते इस सड़क का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। इस मौके पर 72 साल के नैन सिंह तोमर ने कहा कि 12 साल की उम्र में यह सड़क बन गई थी, तबसे आज तक इसे ऐसे ही देख रहा हूं। पूरी सड़क पर धूल मिट्टी है। किसी भी सरकार ने यहां इसकी सुध नहीं ली। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हीरा सिंह ने कहा कि जब मेले में भी यह सड़क नहीं सुधर रही तो कब सुधरेगी। नाथू राम ने कहा कि सड़क पर गड्ढे हैं कि गड्ढों में सड़क है इसका ही नहीं पता चल रहा है। इस मौके पर ग्रामीणों ने अपने हाथों में मुसाफिर मेले में जाएं लेकिन अपनी रक्षा स्वयं करें.., के बैनर भी उठा रखे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने सतौन से रेणुकाजी सड़क पर पैदल चलकर रोष रैली भी निकाली। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता योगेश ने कहा कि सड़क पर पानी के छिड़काव के लिए तीन टैंकर लगा दिए गए हैं। 15 किलोमीटर सड़क पर छिड़काव किया जा रहा है। हर टैंकर को पांच किलोमीटर की जिम्मेदारी दी गई है।