स्वर्ण समाज के लिए भाजपा और कांग्रेस काले कोबरे से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। केंद्र सरकार की ओर से लाया गया यूजीसी बिल युवाओं को बांटने का प्रयास है। इसका सबसे अधिक नुकसान स्वर्ण समाज को होगा। सोमवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने यह आरोप जड़े। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी एकमात्र राजनीतिक पार्टी है, जो यूजीसी बिल का खुलकर विरोध कर रही है। यदि यह कानून लागू होता है तो स्वर्ण समाज के कई परिवार अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में असमर्थ हो जाएंगे। इतना ही नहीं, उच्च शिक्षण संस्थानों में यदि स्वर्ण समाज के छात्रों के साथ किसी प्रकार का अभद्र व्यवहार होता है तो वे उसके खिलाफ शिकायत भी नहीं कर पाएंगे और बिना उनकी बात सुने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। रुमित ठाकुर ने कहा कि रविवार को दिल्ली में भाजपा सरकार ने तानाशाही का परिचय दिया। पहले स्वर्ण समाज के लोगों को जंतर-मंतर और रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी गई, लेकिन शनिवार रात को अचानक यह अनुमति रद्द कर दी गई। इसके बाद जब लोग प्रदर्शन के लिए पहुंचे तो दोनों स्थानों को छावनी में तब्दील कर दिया गया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।