रेणुकाजी तीर्थ में निर्वाण आश्रम के संस्थापक संत शिरोमणि ब्रह्मलीन महात्मा सुंदरमणि निर्माण की 31वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को भव्य कलश शोभायात्रा के साथ ही भागवत कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। इससे पूर्व कलश यात्रा निर्वाण आश्रम से प्रारंभ होकर शांति संगम घाट, परिक्रमा मार्ग , सहस्रधारा, राम बावड़ी, रेणु मंच, परशुराम ताल व मंदिर परिसर से होते हुए पुण: आश्रम में पहुंची जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भागवत पुराण के पवित्र ग्रंथ को पंडाल में स्थापित किया गया। कलश यात्रा की अगुवाई स्वयं आश्रम के संचालक एंव महंत महात्मा रेणेद्र मुनि ने की। ढोल नगाड़े, शंख घंटियाली व बैंड बाजे की मधुर धुनों के बीच निकाली गई कलश शोभायात्रा के चलते संपूर्ण रेणुका घाटी भक्ति रस में डूब गई। पहले दिन कथा व्यास आचार्य मोहन चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कलयुग में भागवत कथा ही एकमात्र ऐसा उपाय है जिससे दुखों को दूर किया जा सकता है। भागवत कथा का आयोजन 9 मार्च तक जारी रहेगा। जबकि 10 मार्च को महात्मा निर्माणजी की पुण्यतिथि के अवसर पर भव्य श्रद्धांजलि सभा के साथ संत समागम, सत्संग, भक्ति गीत संगीत के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जाऐगा। कलशयात्रा के मौके पर अनेकों संत महात्माओं सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।