पांवटा साहिब-भगानी-किल्लौड़ जिला मुख्य मार्ग (एमडीआर) की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भगानी सीट से जिला परिषद सदस्य शिवानी मेहरा के नेतृत्व में समाजसेवी रोशन लाल शास्त्री और ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम पांवटा साहिब को ज्ञापन सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की हालत नहीं सुधारी गई तो वे विरोध-प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। जिला परिषद सदस्य शिवानी मेहरा ने कहा कि पांवटा साहिब से भगानी और किल्लौड़ तक का एमडीआर मार्ग जगह-जगह गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एंबुलेंस तक को सड़क से गुजरने में कठिनाई हो रही है और सामान्यतः आधे घंटे में तय होने वाला सफर अब करीब डेढ़ घंटे में पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि एसडीएम द्विज गोयल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि चार से पांच दिनों के भीतर सड़क के गड्ढों को भरने का कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि बरसात समाप्त होने के बाद सड़क की टायरिंग करवाई जाएगी। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। समाजसेवी रोशन लाल शास्त्री ने आरोप लगाया कि जिला मुख्य मार्ग बनने के बाद भी पांवटा-भगानी-किल्लौड़ सड़क की हालत लगातार खराब होती गई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर अब सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क ढूंढ़नी पड़ रही है। उन्होंने स्थानीय विधायक पर क्षेत्र की सड़क व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया और कहा कि विकास केवल बोरवेल लगाने से नहीं होता, बल्कि बेहतर सड़कें और बुनियादी सुविधाएं भी आवश्यक हैं। उन्होंने हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बन रहे नए पुल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की ओर पुल का कार्य चार वर्ष पहले पूरा हो चुका है, जबकि हिमाचल की ओर मात्र 650 मीटर एप्रोच रोड अब तक तैयार नहीं हो सकी है। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र में सड़कों की टायरिंग, घरेलू गैस सिलेंडर वितरण और अन्य विकास कार्यों में भी देरी पर सवाल उठाए। एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल ने बताया कि ग्रामीणों का ज्ञापन प्राप्त हुआ है। लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारियों को सड़क की खराब स्थिति का जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।