किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा में राष्ट्रगान के कथित अपमान के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में विरोध रैली निकाली और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर अपना विरोध जताया और राष्ट्रगान के सम्मान को लेकर अपनी बात रखी। विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष निगम भंडारी ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में विपक्ष की ओर से राष्ट्रगान का अपमान किया गया। निगम भंडारी ने कहा कि राष्ट्रगान किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। निगम भंडारी ने कहा कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम का कभी विरोध नहीं किया है। उनके अनुसार सोनिया गांधी ने केवल वंदे मातरम के मॉडिफाइड वर्जन के बजाय मूल वर्जन बजाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस की ओर से रिकांगपिओ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और विरोध रैली आयोजित की गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करवाने की बात कही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रिकांगपिओ शहर में रैली निकाली। इस दौरान भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगान के सम्मान और इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इन्हें राजनीतिक विवाद से अलग रखा जाना चाहिए।