किन्नौर कैलाश की बहुप्रतीक्षित यात्रा 15 जुलाई से शुरू होने वाली है, जो 30 अगस्त तक चलेगी। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही है, जिसमें एक रेकी टीम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यात्रा की तैयारियों के तहत रेकी टीम की बैठक पहले ही हो चुकी है। यह टीम आज यानि चार जुलाई को रिब्बा और पूर्वनी क्षेत्रों की ओर रवाना होगी। सात जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए रास्तों की सुरक्षा का आकलन किया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर ही यात्रा शुरू करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। किन्नौर कैलाश यात्रा का मुख्य बेस कैंप तांगलिंग में स्थापित किया जाएगा। पहला कैंप मिलिंग खट्टा में होगा, जहां यात्रा समिति की ओर से कैंप, पानी और शौचालयों सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। यात्रियों को मिलिंग खट्टा से ऊपर किन्नौर कैलाश की ओर जाने के लिए विशिष्ट समय-सीमा का पालन करना होगा। हालांकि, नीचे आने के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार लौटने की आजादी मिलेगी। वहीं, एसडीएम कल्पा अमित कल्थाइक ने बताया कि यात्री किन्नौर कैलाश यात्रा से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए वन रेंज कार्यालय रिकांगपिओ या एसडीएम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।