वित्तीय अनियमितताएं बरतने पर संबंधित लेखा अधिकारी को जेल भी हो सकती है, इसके लिए जरूरी है कि हर लेखे जोखे का अपडेट रखें। करीब एक वर्ष बाद आयोजित हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में सातवें वित्तायोग अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंद लाल ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन को लेकर पैसा कहां सेआया कहां खर्च हुआ इसका रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज किया जाना चाहिए, न कि अंदाजे में आंकड़े पेश किए जाएं। उन्होंने अस्पताल में लगी मशीनों की सही रेख देख और मरम्मत को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली लापरवाही पूर्ण है, जिसमें आवश्यक सुधार होना जरूरी है। गौर हो कि एक वर्ष बाद वीरवार को महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में अस्पताल प्रबंधन समिति की बकाया राशि की जानकारी नहीं दे पाया। पिछले वर्ष के लेखे जोखे का हिसाब अस्पताल प्रबंधन सही तरीके से नहीं रख पाया। अस्पताल प्रबंधन के पास बीते वर्ष के वित्तीय लेनदेन का कोई सटीक ब्यौरा तक नहीं है। बैठक में सबसे पहले यही मुद्दा उठा कि वर्ष 2024-25 की क्लोजिंग बेलेंसशीट कितनी है। इसी बात को अस्पताल प्रबंधन स्पष्ट नहीं कर पाया। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अस्पताल प्रबंधन ने 2 करोड़ 48 लाख का अनुमानित बजट तो पेश किया, लेकिन रोगी कल्याण समिति अध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए कहा कि जब पिछले वर्ष के कुल बजट की सटीक जानकारी नहीं है तो ये कैसे तय हो सकता है कि इस वित्तीय वर्ष में पैसा कहां पर कितना खर्च होगा। उन्होंने अस्पताल में तैनात हुए नए एमएस रोशन लाल कौंडल को एक सप्ताह के भीतर बजट संबंधी अस्पष्टता को ठीक करने और जल्द अपने बजट की स्थिति बताने के निर्देश दिए। विधायक नंद लाल ने अस्पताल प्रशासन को अस्पताल में लगी मशीनों को अपडेट रखने और समय समय पर उनकी देखरेख करने और मरम्मत के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को अस्पताल में परेशानियां न झेलनी पड़े, इसकी व्यापक स्तर पर व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन की अनदेखी पर नाराजगी जताई और व्यवस्था में सुधार को कहा।