मंडी जिला के गोहर क्षेत्र में अब बरोट और पतलीकूहल की तर्ज पर ट्राउट फिश पालन की शुरुआत हो गई है। गोहर उपमंडल की ग्राम पंचायत बासा के दाड़ी के निवासी हरीश चौहान ने क्षेत्र में पहली बार ट्राउट फिश फार्मिंग का बीड़ा उठाया है, जिससे स्थानीय किसानों और युवाओं में भी इस व्यवसाय को लेकर नई उम्मीद जगी है। जानकारी के अनुसार हरीश चौहान ने मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से ट्राउट फिश पालन के लिए आवेदन किया था। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग ने उन्हें ट्राउट फिश का बीज उपलब्ध कराया। इसके बाद उन्होंने अपने गांव में ट्राउट फिश फार्म विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया है। ट्राउट फिश ठंडे और स्वच्छ पानी में पनपने वाली उच्च गुणवत्ता की मछली मानी जाती है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग और बेहतर कीमत मिलती है। अब गोहर क्षेत्र में इसकी शुरुआत होने से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और आय बढ़ाने के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। हरीश चौहान की इस पहल के बाद आसपास के किसानों और युवाओं में भी ट्राउट फिश पालन को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। कई लोग इस व्यवसाय की संभावनाओं के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं और भविष्य में इसे अपनाने की इच्छा जता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गोहर क्षेत्र में पर्याप्त ठंडे जल स्रोतों का सही उपयोग किया जाए तो ट्राउट फिश फार्मिंग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा दे सकती है। वहीं मत्स्य पालन विभाग भी इच्छुक किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। गोहर में ट्राउट फिश फार्मिंग की यह शुरुआत क्षेत्र के लिए एक नई उपलब्धि मानी जा रही है और आने वाले समय में यह पहल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।