मनरेगा श्रमिक संगठन और हिमाचल किसान सभा ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को विकास खंड कार्यालय बालीचौकी का घेराव कर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि काम के लिए आवेदन देने के बावजूद उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे उनमें भारी रोष है। हिमाचल किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र राणा ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों ने बीते 10 फरवरी को ग्राम पंचायत थाटा में काम के लिए आवेदन किया था। मनरेगा कानून के अनुसार आवेदन के 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य है अन्यथा श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाना चाहिए। 33 दिन बीत जाने के बाद भी न तो श्रमिकों को काम मिला और न ही किसी प्रकार का भत्ता प्रदान किया गया। इसी के विरोध में आक्रोशित श्रमिकों और किसानों ने दोपहर करीब 2:30 बजे विकासखंड अधिकारी कार्यालय बालीचौकी का घेराव किया। महेंद्र राणा ने बताया कि जब वे कार्यालय पहुंचे तो लगभग 3:00 बजे तक वहां केवल अकाउंटेंट ही मौजूद था और कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं था। इससे नाराज लोगों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी कर शीघ्र काम उपलब्ध कराने की मांग उठाई। मौके पर मौजूद अकाउंटेंट ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से फोन पर बातचीत की जाएगी और जल्द ही श्रमिकों को काम देने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र काम उपलब्ध नहीं कराया गया तो आने वाले समय में विकासखंड अधिकारी कार्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा।