सराज विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड बालीचौकी से संबंध रखने वाले ओबीसी का एक प्रतिनिधिमंडल वीर सिंह भारद्वाज अध्यक्षता में उपायुक्त अपूर्व देवगन को मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को मांग पत्र भेजा। भाजपा सराज मंडल ओबीसी के पूर्व अध्यक्ष वीर सिंह भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना में ओबीसी के सैकड़ों परिवारों को पंचायत स्तर पर सूची में दर्शाया नहीं गया है। 2011 की जनगणना में जहां सैकड़ो की संख्या में परिवार है, उन पंचायतों में ओबीसी की जनसंख्या को शून्य दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत नलवागी, मुराह, कोट ढलयास, गुरान, काउ और किगस आदि पंचायतों में सैकड़ों की संख्या में ओबीसी की जनसंख्या है। कुछ ग्राम पंचायतों में जनसंख्या को कम दशाई है। इसमें ग्राम पंचायत सोमगाड, बांधी, खुहन, थाचाधार, टकोली, टिक्कर, लघडयाना, बाहरी, माणी, थाटा, सोमगाड, भटवाड़ी, औत, नगवाई, स्वाखरी आदि हैं। इस तरह 2021 की जनगणना में ओबीसी के आंकड़े गलत पेश किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राज्यपाल से मांग कि है कि 10 दिन के अंदर इस पर जांच करने के आदेश जारी किए जाएं। यदि अनदेखी की जाती है तो अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत का आरक्षण दिया है। इस आरक्षण को हिमाचल प्रदेश सरकार लागू करे।