लडभड़ोल क्षेत्र के प्रसिद्ध नागेश्वर महादेव कुड्ड मंदिर में हिंदू सम्मेलन समिति मंडल व खण्ड लडभड़ोल द्वारा हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में धर्म, शसंस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर गहन मंथन हुआ। साथ ही, मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में चल रहे सात दिवसीय घृत पर्व और अखंड रामायण पाठ का भी विधिवत समापन हुआ। घृत पर्व के समापन अवसर पर भगवान शिव की प्रतिमा का 51 किलो मक्खन और सूखे मेवों से भव्य श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। पूजा-अर्चना के बाद मंदिर प्रशासन द्वारा इस मक्खन को उतारकर प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में विशाल यज्ञ और भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदू सम्मेलन समिति के अध्यक्ष प्रताप चौहान और मंदिर के वर्तमान प्रबंधक एवं थानापति विमल गिरी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित कांगड़ा प्रचारक भवती प्रसाद ने अपने ओजस्वी विचारों से जनसमूह को संबोधित किया। जोगिंदरनगर के जिला संघ चालक कुलदीप ठाकुर ने बताया कि जोगिंदर नगर ज़िला में यह 36वां हिंदू सम्मेलन था। उन्होंने कहा कि हमारे जिले में 35 इकाइयां हैं और प्रत्येक इकाई में ऐसे सम्मेलनों का आयोजन हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पंच प्रण' और पंच परिवर्तन' के संकल्प को लेकर समाज के बीच जा रहा है। हमारा समाज से आग्रह है कि वे इन पंच प्रणों को अपने परिवार से शुरू करें, ताकि देश पुनः विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित हो सके। उन्होंने युवाओं को नशा व अन्य बुराइयों से बचने के लिए संघ की शाखाओं से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शाखा में व्यक्ति के चरित्र का निर्माण होता है। युवा पीढ़ी को देश और समाज का अंगभूत घटक बनकर भारत माता को पुनःपरम वैभव पर ले जाने में अपना सहयोग देना चाहिए।