हिमाचल प्रदेश में आगामी 16 फरवरी से शुरू होने जा रहे तीन दिवसीय बजट सत्र को लेकर पिछले दिनों संपन्न हुई विधायक प्राथमिकता बैठक पर प्रदेश भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक सुंदरनगर राकेश जम्वाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि गत तीन वर्षों में आयोजित विधायक प्राथमिकता की बैठकों में उनके मुद्दों को दरकिनार किया गया है। सुख सरकार के कार्यकाल में आयोजित यह बैठक आज मात्र औपचारिकता बन कर ही रहे गई है। जंवाल ने कहा कि प्रदेश के हर विधानसभा को 2.10 करोड़ रूपए क्षेत्र के विकास के लिए दिए जाते हैं और विधायकों को यह राशि चार किस्तों में प्राप्त होती है। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल इस वर्ष उन्हें मात्र दो किश्तें ही मिल पाई हैं। इससे बजट और विधायक प्राथमिकता बैठक का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। प्रदेश में सीएम सुक्खू के नेतृत्व में चल रही यह सरकार पहले दिन से ही अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है और अपनी नाकामियों का ठिकरा विपक्ष और केंद्र सरकार पर फोड़ रही है। वहीं पूर्व भाजपा सरकार से मौजूदा कांग्रेस सरकार द्वारा प्रदेश को बेहतर ढंग से चलाने के सीएम सुक्खू के बयान पर राकेश जम्वाल ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मीडिया में झूठ बोलकर जनता को बरगला सकते हैं, लेकिन वित्त सचिव द्वारा दी गई रिप्रेजेंटेशन सरकार की आर्थिक बदहाली को बखूबी बयां कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में कोई भी नया कार्य शुरू कर पाई है। पूर्व भाजपा सरकार ने केंद्र के सहयोग से कई योजनाएं प्रदेश हित में चलाई हैं। यह सरकार केवल केंद्र को कोसने मात्र तक ही सीमित रह गई है।