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Mandi: पूर्व विधायक राकेश सिंघा बोले- सिया गुलेरिया की यादें जिंदा रखने और न्याय दिलाने के लिए काम करेंगे सभी संगठन

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पिछली शाम गोपालपुर क्षेत्र के नैण गांव में दिवंगत बेटी सिया गुलेरिया के माता पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से उनके घर जाकर मुलाकात की और इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति सवेंदना व्यक्त की और बेटी सिया की निर्ममता से की गई हत्या से लगे सदमे से उबरने में परिवार की हर प्रकार की सहायता करने का आश्वाशन दिया। प्रतिनिधिमंडल में माकपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक राकेश सिंघा, शिमला के पूर्व महापौर एवं राज्य सचिव संजय चौहान, डॉ. ओंकार शाद, कुशाल भारद्धाज, भूपेंद्र सिंह, डॉ. विजय कौशल, डॉ. बीडी शर्मा, सुरेश शर्मा, सुरेश सरवाल, दिनेश काकू, अनिल कुमार,दीपक कुमार, रविन्द्र कुमार, प्रमिला देवी, सुनीता पटियाल इत्यादि शामिल हुए। पार्टी के सचिव भूपेंद्र सिंह एवं एसएफआई के जिला प्रधान ऋत्विक ने बताया कि मई के प्रथम सप्ताह में एसएफआई का राष्ट्रीय नेतृत्व यहां आ रहा है और उस दिन सन्गठन की ओर से परिवार को वित्तिय सहायता भी प्रदान की जाएगी और दिवंगत सिया की याद में कोई स्मारक, लाइब्रेरी, ट्रस्ट इत्यादि निर्मित करने का भी निर्णय लिया जायेगा ताकि सिया की इस तरह से हुई निर्मम हत्या के खिलाफ समाज को जागरूक करने और संगठित करने की सीख मिल सके और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लग सके। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बेटी सिया की माता रक्षा देवी का स्वास्थ्य भी पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है और उन्हें हार्ट की समस्या है और उन्हें दो साल पहले स्टंट पड़े हैं इसलिये उन्हें भी स्वास्थ लाभ की जरूरत है और बेटी की इस तरह से हुई हत्या से उन्हें हौसला रखना होगा और उसके लिए सभी लोग उनकी मदद कर रहे हैं। माता रक्षा देवी और पिता जोगिन्दर को ढांढस बंधाने गए कॉमरेड राकेश सिंघा स्वयं भावुक हो गए और उनकी आंखों से भी आंसू छलक गए। प्रतिनिमंडल ने सिया की उस सहेली कशीश बेटी नन्दलाल राव से उसके घर जाकर भी बात की और घटना के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की।माकपा नेता राकेश सिंघा ने सिया की सहेली कशीश को कहा कि वे भी एसएफआई से वर्ष 1978-79 से जुड़े थे और सिया बेटी भी इसी संगठन से जुड़ी हुई थी तो बेटी सिया का ये बलिदान एसएफआई के इतिहास में दर्ज होगा और सिया को हम मरने नहीं देंगे और उसकी याद में संगठन हर साल 13 अप्रैल को सिया शहीदी एवं बालिका सुरक्षा दिवस के रूप में मनाया करेंगे। सिंघा ने कशिश के पिता रिटार्यड पुलिस सब इंस्पेक्टर नंदलाला की बेटी सिया की हत्या के मुजरिम को पकड़वाने और मौके के गवाहों व अन्य सभी प्रकार की सहायता के लिए प्रसंशा की और उम्मीद जताई है कि पुलिस इस घटना के गुनाहगार को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए निष्पक्षता और ईमानदारी से जांच करेगा और तथ्य जुटाएगा ताकि उसे न्याय मिल सके। जिसके लिए केवल सरकाघाट में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश, देश और यहां तक की विदेशों में भी प्रदर्शन हुए हैं।

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