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Mandi: मंडी जिले में युवतियों ने उठाया वन संपदा की रक्षा का बीड़ा, 188 बनीं वन मित्र

वन संसाधनों के प्रबंधन में स्थानीय समुदायों की भूमिका सुनिश्चित करने व वानिकी कार्यों से युवाओं को जोड़ने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने महत्वकांक्षी वन मित्र योजना आरंभ की है। इस योजना के तहत स्थानीय युवाओं को न केवल घर के समीप आजीविका के साधन उपलब्ध हो रहे हैं। इस योजना के तहत प्रदेश के 2061 वन क्षेत्रों में एक-एक वन मित्र रखा जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर की संस्थाओं को शामिल करके वन क्षेत्रों की सुरक्षा, संरक्षण और विकास में स्थानीय समुदायों की भागीदारी मजबूत की जा सके। मंडी वन वृत्त में योजना के तहत 309 वन मित्र रखे गए हैं। इनमें 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग की 188 युवतियां एवं 121 युवक शामिल हैं। करसोग क्षेत्र के शंकर देहरा की रहने वाली प्रशिक्षु वन मित्र आकांक्षा ठाकुर ने बताया कि उन्हें चुनौतियां पसंद हैं। जब वन मित्र योजना के बारे में पता चला तो उन्होंने वनों की सुरक्षा की चुनौती सहज स्वीकार कर ली। स्नातक की पढ़ाई कर चुकी आकांक्षा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें चुनौतियों से पार पाते हुए जंगल की रक्षा करने, नर्सरी प्रबंधन, पौधरोपण इत्यादि के बारे में गहन जानकारी प्रदान की जा रही है। एक अन्य प्रशिक्षु प्रियंका ने बताया कि वह पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगी। वनों को आग से बचाने सहित वन प्रबंधन से जुड़े अन्य कार्यों में सहयोग देने के लिए वे तत्पर हैं। पांगणा रेंज के प्रशिक्षु वन मित्र गुलशन प्रेमी ने बताया कि जंगलों को बचाने की जिम्मेवारी पाकर वह खुश हैं। फायर सीजन में वन संपदा को अकसर नुकसान होता है, मगर युवा पीढ़ी वन मित्र के रूप में इस अमूल्य संपदा को बचाने में अपना पूर्ण सहयोग देगी। वन मित्र वर्ष भर वन विभाग के सभी वानिकी कार्यों से जुड़े रहेंगे, जिसमें अग्नि सुरक्षा, वृक्षारोपण कार्य, राल दोहन और बचाव कार्य आदि शामिल हैं। इन्हें अपने गृह क्षेत्र अथवा पड़ोसी वन क्षेत्र में तैनात करने का प्रावधान है।

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