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Mandi: नई देहुरी में विराजमान हुए देव बाला टीका, प्रतिष्ठा में उमड़ा भारी जनसैलाब

अंकेश डोगरा Updated Tue, 10 Feb 2026 04:05 PM IST

सुंदरनगर उपमंडल के तहत निहरी तहसील आने वाले कमांद गांव स्थित देव बाला टीका की नई देहुरी यानी नए मंदिर की मंगलवार को प्रतिष्ठा की गई। यह देवता का मूल स्थान है जिसे स्थानीय बोली में देहुरी कहा जाता है। मंदिर कमेटी की तरफ से दावा किया जा रहा है कि देवता की नई देहुरी का निर्माण करीब 500 वर्षों बाद किया गया है। देव बाला टीका के कटवाल खेम राज ने बताया कि देहुरी के निर्माण पर 60 लाख से अधिक का खर्च आया है और सारा धन क्षेत्र के लोगों व श्रद्धालुओं द्वारा जनसहयोग के रूप में दिया गया है। एक वर्ष पहले मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया गया था जो अब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। यह देवता का मूल स्थान है जबकि इससे कुछ ही दूरी पर देवता का भंडार भी है जहां पर देतवा के रथ को रखा होता है। इस स्थान पर पहले एक छोटा सा मंदिर था। वर्षों तक वही मंदिर लोगों की आस्था का मुख्य केंद्र रहा। लेकिन अब यहां नए और भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। यह मंदिर लकड़ी से बनाया गया है जिसपर कारीगरों ने भव्य नक्काशी की है। देव बाला टीका के गुर गंगा राम ने बताया कि देव बाला टीका मंडी जनपद के अराध्य माने जाने वाले बड़ा देव कमरूनाग के ज्येष्ठ पुत्र हैं। इन्हें बीमारियों से मुक्ति दिलाने वाले देवता के रूप में जाना जाता है। ऐसा ही वरदान इन्हें अपने पिता से भी प्राप्त है। उन्होंने बताया कि देवता के प्रति क्षेत्र के लोगों के अलावा दूर-दराज के लोगों की भी अटूट आस्था है। लोग देवता के दरबार में सच्चे मन से जो भी मांगते हैं, उनकी सभी मुरादें पूरी होती है।

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