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जोगिंद्रनगर: सेना में सूबेदार रहे ओपी ठाकुर का निधन, सैन्य सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

भारतीय सेना में शिक्षा विभाग में सूबेदार रहे और बाद में प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर सेवाएं देने वाले जोगिंद्रनगर के ओपी ठाकुर का 72 वर्ष की आयु में अचानक निधन हो गया। शुक्रवार को लक्ष्मी बाजार स्थित मोक्षधाम में उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों के अनुसार ओपी ठाकुर हाल ही में दिल्ली से भ्रमण कर घर लौटे थे। 20 जुलाई को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पालमपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां देर रात उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार के साथ पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। ओपी ठाकुर भारतीय सेना में 20 वर्ष से अधिक समय तक सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर भी सेवाएं दीं। वह कांगड़ा जिले के बैजनाथ और हमीरपुर के बड़सर में एसडीएम के पद पर रहे। सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी सक्रियता और अनुभव के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान थी। अंतिम संस्कार के दौरान एसडीएम मनीष चौधरी समेत सेना के अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। सेवानिवृत्त कर्नल रूप सिंह, ऑनरेरी कैप्टन निहाल सिंह, चंद्र सिंह, मेघ सिंह, शेष राम, भाग चंद और मेजर ज्ञान चंद बरवाल ने कहा कि सेना में उनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि ओपी ठाकुर अपने व्यवहार, संस्कारों और सामाजिक कार्यों से लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने रहे। एसडीएम मनीष चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर ओपी ठाकुर की सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। रोटरी क्लब, व्यापार मंडल, दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल प्रबंधन, वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन और पूर्व सैनिक लीग ने भी शोक सभाएं आयोजित कर श्रद्धांजलि दी। दयानंद भारतीय पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों को अवकाश दिया गया। शिक्षकों ने प्रार्थना सभा आयोजित कर दिवंगत ओपी ठाकुर को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा।

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