एचआरटीसी वर्कशॉप में जगह कम होने के कारण सड़क किनारे बस की मरम्मत हो रही है। बाइपास मार्ग में सड़क पर एक बस का इंजन खोला गया है। इसकी मरम्मत कर बस को चलाने के लिए तैयार किया जा रहा है। तीखे मोड़ पर खड़ी एचआरटीसी बसें अन्य वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में भी दिक्कते आ रही हैं। खासकर शाम को यहां दिक्कत बढ़ जाती हैं। समय 12:16 बजे। स्थान : बाइपास मार्ग हमीरपुर। तीखे मोड़ पर सरकारी बसें खड़ी हैं। वाहन चालक संभल कर गुजर रहे हैं। बसें खड़ी होने के कारण गुजर रहे वाहन चालकों को गाड़ियां नहीं दिख रही हैं। हार्न बजाकर सामने से आ रही गाड़ियों को सूचना दे रहे हैं। कुछ गाड़ियां लंबे समय से एक ही स्थान पर खड़ी हैं। एक बस का इंजन सड़क किनारे खोला गया है। इसकी मरम्मत वर्कशॉप पर नहीं बल्कि सड़क किनारे की जा रही है। कुछ बसें वर्कशॉप से 600 से 700 मीटर दूर सड़क किनारे खड़ी हैं। वर्कशॉप में बसों में प्रवेश के लिए समय लग रहा है। प्रवेश मार्ग में कई बसें खड़ी हैं। वर्कशॉप में जगह नहीं होने के कारण वर्कशॉप मार्ग में बसें खड़ी की गई हैं। वर्कशॉप भी सरकारी गाड़ियों की काफी अधिक संख्या हैं। एचआरटीसी वर्कशॉप हमीरपुर में 20 से 25 बसों की खड़ी करने की क्षमता है, लेकिन एचआरटीसी की बसें काफी संख्या में खराब होती हैं। जब इनकी मरम्मत करने के लिए इन्हें वर्कशॉप में लाया जाता है तो यहां पर इनको पार्क करने के लिए जगह कम पड़ जाती है। इसके अलावा जिन बसों को रूट पर जाने के लिए समय होता है, वह बसें भी यहां खड़ी कर दी जाती हैं, जिस कारण समस्या और बढ़ जाती है। आए दिन इस तरह की समस्या होने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें आती है। एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक राहुल कुमार ने कहा कि कई बार वर्कशॉप में बसों को खड़ी करने के लिए जगह कम पड़ जाती हैं। नए बस अड्डा का निर्माण किया जा रहा है। जैसे ही निर्माण पूरा होगा, वहां पर बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी। जिस बस का इंजन सड़क किनारे खोला गया है वह चंबा डिपो की है। समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।