बल्ह घाटी के नागचला में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण कार्य को जल्द गति मिलने की संभावना बढ़ गई है। भारत सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए साइट क्लीयरेंस पहले ही प्रदान की जा चुकी है, जिससे परियोजना को महत्वपूर्ण मेंबढ़ावा मिला है। सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट के सभी पहलुओं पर धरातल में पड़ताल हो रही है। प्रस्तावित हवाई अड्डे के निर्माण, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य आवश्यक कार्यों पर लगभग चार से साढ़े चार हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर लंबे समय से मंडी हवाई अड्डे को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते आए हैं। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट पॉलिसी-2008 के तहत परियोजना को प्रथम चरण की साइट क्लीयरेंस मिल चुकी है। यह परियोजना प्रदेश सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया का संयुक्त उपक्रम (जॉइंट वेंचर) होगी। हवाई अड्डे के निर्माण के लिए लगभग 3500 बीघा भूमि अधिग्रहित की जाएगी। राज्य सरकार ने मंडी के नागचला में बनाए जाने वाले ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के लिए मल्टी डिसिप्लिनरी एक्सपर्ट ग्रुप का गठन किया है। ये मल्टी डिसिप्लिनरी ग्रुप डीसी मंडी की अगुवाई में काम कर रहा है। इस ग्रुप की एक बैठक बीते जनवरी महीने हो चुकी है। इसमें इस एयरपोर्ट के संबंध में लोगों की राय जानने बारे कहा गया है। विशेषज्ञ का यह ग्रुप सामाजिक, इकॉनॉमी समेत सभी पहलुओं पर काम कर रहा है। उधर, सेवानिवृत ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर के अनुसार सभी प्रकार की औपचारिकताओं के बाद केंद्र सरकार की ओर से परियोजना को अंतिम मंजूरी प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के तहत पूरी की जाएगी।