भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने रोहड़ू तहसील में 12 वर्षीय बच्चे के साथ हुए कथित जातिगत उत्पीड़न और आत्महत्या के खिलाफ बालीचौकी में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व माकपा लोकल कमेटी बालीचौकी के सचिव महेंद्र सिंह राणा ने किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बालीचौकी के माध्यम से सौंपा। महेंद्र सिंह राणा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह मामला न केवल अमानवीयता का उदाहरण है, बल्कि यह दिखाता है कि आजादी के करीब 80 साल बाद भी समाज में जातिगत भेदभाव किस कद्र जिंदा है। उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में समानता का अधिकार मौलिक अधिकार के रूप में दर्ज है, लेकिन सरकार इन अधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रही है। अब समय आ गया है कि सरकार संविधान के प्रावधानों को सख्ती से लागू करे और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दे। इस अवसर पर नौजवान सभा लोकल कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, गोपाल सिंह, घनश्याम सिंह, देवराम, दीपू, नोक सिंह, धनीराम और नरपत राम व अन्य मौजूद रहे।