प्राकृतिक आपदा से तबाह हुए ग्राम पंचायत बाली चौकी के भेला गांव के प्रभावितों ने मंगलवार को सामूहिक बैठक कर किसान सभा का गठन किया। बैठक में हेम प्रभ को प्रधान व हीरा लाल को सचिव चुना गया। जबकि किसान सभा राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि भेला गांव का लगभग हर घर आपदा की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। पूरी जमीन धंस जाने से बड़ी दरारें पड़ गई हैं। भूगर्भीय स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि अब इस गांव में कभी भी नए घर नहीं बनाए जा सकते। पूरे गांव का अस्तित्व ही संकट में है और लोग बेघर होकर असमंजस में हैं। कहा कि यहां की भूमि पूरी तरह धंस चुकी है और अब प्रभावित परिवार कभी भी अपनी जमीन पर घर नहीं बना पाएंगे। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से घोषित सात लाख रुपये की राहत तब तक अर्थहीन है जब तक जमीन का प्रबंध नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि किसान सभा की स्पष्ट मांग है कि प्रभावित परिवारों को जमीन के बदले जमीन और मकान के बदले मकान दिया जाए। जब तक जमीन उपलब्ध नहीं होगी, तब तक न तो मकान बन पाएंगे और न ही सरकारी मदद का कोई सहारा होगा।