पटवारी-कानूनगो पर हुए जानलेवा हमले के बाद पटवारी-कानूनगो ने कार्यालयों में काम करना बंद कर दिया है। शनिवार को इस मामले को लेकर पटवारी-कानूनगो संघ ने एक बैठक की, जिसमें कड़े निर्णय लिए हैं। संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी युवराज ने कहा कि इस तरह के हमले सिर्फ कर्मचारी और अधिकारी पर नहीं बल्कि यह प्रशासन और सरकार की व्यवस्था पर चोट है। ऐसे में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उधर, टवारी-कानूनगो की ओर से कार्यालय का काम बंद करने से शनिवार को इसका सीधा असर जनता पर पड़ता दिखाई दिया। जिले में पटवारखानों से लेकर कानूनगो-तहसील कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। इससे कार्यालय में काम करवाने आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।