कुल्लू मणिकर्ण घाटी के चौहकी गांव से 5 दिन बाद किन्नौर के देवता टेरस नारायण व चौहकी महादेव अपने देवालय की ओर रवाना हो गए हैं। टेरस नारायण ने चौहकी महादेव के साथ पांच दिनों तक देव परंपराओं का निर्वहन किया। टेरस नारायण के साथ आए हुए देवलुओं की ग्रामीण की ओर से खूब खातिरदारी की गई।