बाढ़, बारिश और भूस्खलन ने लाहौल-स्पीति घाटी के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। करोड़ों की गोभी और मटर की फसल खेतों में ही गल-सड़ गई। किसानों ने खराब गोभी को ट्रैक्टर में भरकर इसे चंद्रा नदी में फेक दिया है। इन किसानों की पूरी जिंदगी खेती पर ही टिकी हैं। सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं, लेकिन कई गरीब किसान अब छह महीने का राशन स्टॉक करने को लेकर असमर्थ हो गए हैं। किसी को बच्चों की पढ़ाई की फीस भरने की चिंता है, तो किसी को बैंक का केसीसी लोन को भरने की है।