लाहौल-स्पीति जिले के उदयपुर क्षेत्र में जाहलमा नाला इन दिनों किसानों और व्यापारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। क्षेत्र में मटर की तुड़ान शुरू हो चुकी है, लेकिन नाले पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुल टूटने के बाद आवाजाही के लिए नाले के भीतर वैकल्पिक सड़क तैयार की गई है। हालांकि, रात के समय नाले का जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग में लगाए गए आरसीसी पाइपों को हटा दिया जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। शुक्रवार सुबह इसका असर मटर की ढुलाई पर भी देखने को मिला। व्यापारियों और किसानों को अपनी मटर की खेप मजदूरों की मदद से पीठ पर उठाकर नाले के दूसरी ओर पहुंचानी पड़ी। इससे न केवल समय और श्रम अधिक लग रहा है, बल्कि परिवहन लागत भी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मटर का सीजन शुरू हो चुका है और इस दौरान प्रतिदिन बड़ी मात्रा में फसल मंडियों तक पहुंचानी होती है। ऐसे में जल्द स्थायी समाधान नहीं होने पर किसानों और व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।