खराहल घाटी के मथाण में शनिवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। आराध्य देवता बिजली महादेव के मंदिर में भारी तादाद में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। तीन माह के बाद देवता बिजली महादेव स्वर्ग प्रवास से अपने देवालय लौटे हैं। परंपरा के अनुसार चैत्र माह के आरंभ होते ही बिजली महादेव मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। मथान में देवता बिजली महादेव की पूजा-अर्चना के बाद फागली उत्सव का आयोजन हुआ। फागली में सदियों से चली आ रही देव परंपरा का निर्वहन हुआ। बिजली महादेव मंदिर के कपाट 15 दिसंबर से बंद थे। महाशिवरात्रि के दिन बिजली महादेव मंदिर के कपाट विशेष रूप से खोले गए थे। इसके बाद फिर कपाट बंद कर दिए गए थे। चैत्र संक्रांति के दिन शनिवार को देवता बिजली महादेव मंदिर के कपाट देवविधि से खोले गए। साथ ही मंदिर में देवता की पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। मंदिर में शनिवार को फागली (उत्सव) का भी आयोजन हुआ। इसमें हारियानों और देवलुओं ने देव परंपरा का निर्वहन किया। घाटी के सोभाराम, चुनी लाल, अशोक ठाकुर, पूर्ण चंद, ठाकुर, सोहन लाल, अखिल ठाकुर, सुरेश कुमार आदि ने कहा कि मंदिर में देव परंपरा के मुताबिक फागली उत्सव को मनाया। मंदिर के कपाट बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को चैत्र माह के शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। ऐसे में फागली के दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।