सैंज घाटी की ग्राम पंचायत बनोगी में देवी-देवताओं के भव्य मिलन से देहुरी मेला आरंभ हो गया है। इस मेले में लपाह की माता भगवती उषा, बनोगी की भगवती माता नवदुर्गा, बनोगी के अधिष्ठाता देवता पंडीर ऋषि और जंहू ऋषि लाव-लश्कर पहुंच शोभा बढ़ा रहे हैं। लपाह की माता भगवती उषा को मेले में बतौर मेहमान निमंत्रण दिया गया था और माता निमंत्रण के बाद मेले में आई हैं। मेला कमेटी महासचिव कुलदीप चौहान ने कहा कि देव समागम देहुरी मेला प्राचीन काल से मनाया जाता है। हर वर्ष देहुरी मेले मे दूसरी कोठी से मिलन के लिए देवताओं को बुलाया जाता है। माता भगवती दुर्गा के कारदार किशन चंद ने कहा कि इस प्राचीन मेले मे देवी-देवता का अनोखा देव मिलन होता है। देव मिलन देखने सैंकड़ों श्रद्धालु देहुरी आते हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन खिंडू प्रथा के तहत लपाह की माता उषा के साथ आए हारियानों को कोठी बनोगी के हर घर में भेजा गया, जहां उनकी उसी तरह सेवा हुई जैसे आदि काल में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा की सेवा की थी। यह प्रथा उसी काल से जुड़ी हुई है और वर्तमान में भी इसका निर्वहन किया जा रहा है। वहीं, मेले के तहत अप्पर नाही क्लब द्वारा दलोगी में राज मेमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता भी करवाई जा रही है। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र की 15 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। क्रिकेट प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ धर्मपाल ठाकुर द्वारा किया गया।