हमीरपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्नों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अभिषेक गर्ग ने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में नियमित रूप से सैंपलिंग और टेस्टिंग करें, ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। एडीसी ने निर्देश दिए कि जिले की सभी 320 उचित मूल्य की दुकानों पर शिकायत नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि खाद्यान्न की गुणवत्ता या उपलब्धता से संबंधित किसी भी शिकायत को उपभोक्ता तुरंत दर्ज करा सकें। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 की पहली छमाही के दौरान जिले में गोदामों, आटा मिलों और उचित मूल्य की दुकानों में 3,421 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 75 खाद्यान्न सैंपल लिए गए, जिनमें से केवल एक सैंपल निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसके अलावा विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में 2,089 निरीक्षण किए गए। अनियमितता पाए जाने पर पांच मामलों में कुल 9,252 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जिले में वर्तमान में 1,53,647 राशन कार्डों के माध्यम से 5,48,675 उपभोक्ताओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, 10 गैस एजेंसियों के माध्यम से 1,63,150 उपभोक्ताओं को एलपीजी गैस की आपूर्ति की जा रही है। एडीसी अभिषेक गर्ग ने अधिकारियों को जिले के सभी क्षेत्रों में रसोई गैस सिलिंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की जिला नियंत्रक एवं समिति की सदस्य सचिव आंचल कुमारी ने विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष अनीता शर्मा, खाद्य आपूर्ति निगम की क्षेत्रीय प्रबंधक रीटा कुमारी, भारतीय खाद्य निगम, सहकारिता विभाग, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।