धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर हमीरपुर से भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने प्रदेश सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार को हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि यदि मामला आय से अधिक संपत्ति का है तो इसकी जांच आयकर विभाग को करनी चाहिए, न कि पुलिस को। आशीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश में यह पहली बार हो रहा है कि खनन और आयकर विभाग से जुड़े मामलों की जांच भी पुलिस के माध्यम से कराई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ मतदान करने वाले विधायकों पर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में शिकायत करने वाले कांग्रेस नेताओं और जांच से जुड़े अधिकारियों को भी अपने दस्तावेज व्यवस्थित रखने चाहिए, ताकि भविष्य में यदि उनके मामलों की जांच हो तो उन्हें सहयोग करने में कठिनाई न आए। भाजपा विधायक ने देहरा उपचुनाव के दौरान कथित कैश फॉर वोट प्रकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस मामले में भी सरकार और मुख्यमंत्री एफआईआर दर्ज करवाएंगे। इसके अलावा उन्होंने हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए दावा किया कि 36 करोड़ रुपये के टेंडर के मुकाबले 94 करोड़ रुपये का भुगतान बिना टेंडर के किया गया। उन्होंने नादौन क्षेत्र से जुड़े भूमि मामलों में भी कार्रवाई की मांग की। आशीष शर्मा ने पंचायत चुनाव के नतीजों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कांग्रेस को प्रदेशभर में अपेक्षित सफलता नहीं मिली और आगामी विधानसभा चुनावों में भी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के नादौन विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा की जीत का दावा किया। पत्रकार वार्ता में उन्होंने हमीरपुर मेडिकल कॉलेज से कार्डियोलॉजिस्ट के तबादले और अस्पताल में दवाइयों की कमी का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी की आलोचना करते हुए कहा कि यह छात्रों के हितों के विपरीत है। वहीं, लोकसभा से पारित एंटी पेपर लीक विधेयक का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे भर्ती और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।