जब महिलाएं आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक, मानसिक रूप से मजबूत होंगी तभी महिला सशक्तीकरण संभव है। इन सबके के लिए जरूरी है शिक्षा। शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त होने में सहायता मिलती है। यह बात जिला कल्याण अधिकारी गीता मरवाहा ने आईटीआई हमीरपुर में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अअपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए उनका शिक्षित होना अति आवश्यक है और उनका आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना भी जरूरी है। महिलाएं इस समाज की रीड़ हैं। अपने बच्चों में अच्छे संस्कार वही डालती हैं। ऐसे में अगर महिलाएं स्वयं सशक्त होंगी तभी वह अपने परिवार को अच्छे से संभाल सकती हैं। इसके लिए महिलाओं को अपने साथ यदि कुछ गलत हो रहा हो तो उसका विरोध करना चाहिए और अगर उनके आसपास किसी अन्य महिला के साथ गलत हो रहा हो तो भी उसमें हस्ताक्षेप करना चाहिए क्योंकि हस्ताक्षेप से किसी महिला की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को मोबाइल के दुष्प्रभावों पर भी जानकारी दी। कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल अच्छे कार्यों के लिए करें न कि सोशल मीडिया पर हर समय सक्रिय रहने के लिए। उन्होंने बताया कि नशे से आज समाज में कई अपराध हो रहे हैं। ऐसे में इन अपराधों को रोकने के लिए नशे को जड़ से खत्म करना होगा।