तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मंगलवार को भराड़ी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था, जल आपूर्ति, दवाइयों की उपलब्धता और चिकित्सीय सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्टाफ के साथ बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बरसात के मौसम में जल जनित रोगों की आशंका को देखते हुए उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने की बात कही। धर्माणी ने निर्देश दिए कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को केवल उबला हुआ पानी ही पीने को दिया जाए, ताकि डायरिया और हैजा जैसी बीमारियों से बचाव हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अस्पतालों में मुफ्त दवाइयों के साथ जरूरी टेस्ट और जांचें भी निशुल्क की जा रही हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक राहत मिल रही है। धर्माणी ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने को कहा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों को प्राथमिकता के आधार पर हर जरूरतमंद तक पहुंचाया जाए। मंत्री ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में सहायक होता है, इसलिए अस्पताल में स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत जरूरी है। स्वास्थ्य कर्मियों के साथ संवाद करते हुए मंत्री ने कहा कि अस्पताल को मरीजों के अनुकूल बनाना सभी की जिम्मेदारी है। अगर किसी मरीज को दवा या उपचार संबंधी कोई दिक्कत हो तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए। लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में केवल स्वच्छ पानी का सेवन करें, खुले और संक्रमित खाद्य पदार्थों से बचें और किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं। राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले समय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने जा रही है।