विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी मंदिर में गुप्त नवरात्रों के अवसर पर धार्मिक आस्था का विशेष माहौल बना हुआ है। इन दिनों मंदिर में हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। गुप्त नवरात्रों के दौरान श्रद्धालु विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना, हवन और यज्ञ कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही जारी है। श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल कामना के लिए मां नयना देवी के दरबार में पूजा कर रहे हैं। मंदिर के वरिष्ठ पुजारी नीलम शर्मा ने बताया कि एक वर्ष में चार नवरात्र मनाए जाते हैं, जिनमें दो गुप्त नवरात्र होते हैं। आषाढ़ और माघ शुक्ल पक्ष में आने वाले इन नवरात्रों का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना गया है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में ऋषि-मुनि साधना, तप और विशेष सिद्धियों की प्राप्ति के लिए गुप्त रूप से इन नवरात्रों का आयोजन करते थे। इसी कारण इन्हें गुप्त नवरात्र कहा जाता है। समय के साथ इनका महत्व आम श्रद्धालुओं तक पहुंचा और अब बड़ी संख्या में लोग इन दिनों माता की आराधना करते हैं। श्री नयना देवी मंदिर में श्रद्धालु प्राचीन हवन कुंड में आहुतियां देकर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। भक्तों का मानना है कि गुप्त नवरात्रों में श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि मां नयना देवी के दरबार में दर्शन और पूजा करने से उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। गुप्त नवरात्रों के चलते मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का वातावरण बना हुआ है।