सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने पंजाब विधानसभा में हिमाचल प्रदेश सरकार को लेकर हुई चर्चा पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बैरियर टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये करने के फैसले को लेकर पड़ोसी राज्य में जिस तरह चर्चा हुई, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे हिमाचल सरकार की किरकिरी हुई है। प्रेस को जारी बयान में विधायक ने कहा कि उन्होंने पंजाब विधानसभा की पूरी चर्चा सुनी। इस दौरान हिमाचल की वित्तीय स्थिति, कर्मचारियों के भत्तों और सरकार की आर्थिक हालत को लेकर भी टिप्पणियां की गईं। उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चा से प्रदेश की छवि पर असर पड़ता है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि यदि हिमाचल ने टैक्स में इतनी वृद्धि की है तो भविष्य में पंजाब भी हिमाचलियों पर 250 रुपये तक टैक्स लगा सकता है। इसी तरह हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अलग-अलग टैक्स लगाए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हिमाचल के लोगों को अन्य राज्यों में जाने के लिए कई तरह के टैक्स चुकाने पड़ सकते हैं। सदर विधायक ने कहा कि हिमाचल के अधिकतर लोगों का आवागमन पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के रास्ते होता है। यदि इन राज्यों ने भी इसी तरह टैक्स बढ़ा दिए तो इसका सीधा बोझ प्रदेश की आम जनता पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भोली-भाली जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि इस मुद्दे को जल्द सुलझाने के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेषकर पंजाब सरकार से बातचीत की जाए। उन्होंने कहा कि यदि टैक्स में बढ़ोतरी करनी भी हो तो इसे सीमित रखा जाए, ताकि प्रदेशवासियों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।