डंगार स्थित राजकीय संस्कृत महाविद्यालय में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। यह शिविर राष्ट्रीय वयोश्री योजना, एडीप योजना और स्पर्श कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी और एलिम्को के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी पहुंचे। उन्होंने चयनित लाभार्थियों को उपकरण प्रदान किए। बरोटा, डंगार, भराड़ी, दधोल और छत पंचायतों के 58 दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित किए। इनमें 23 लोगों को व्हीलचेयर, 30 को श्रवण यंत्र (कान की मशीन), 40 को कमोड चेयर, 45 को सपोर्ट बेल्ट और 45 वरिष्ठ नागरिकों को चलने के लिए छड़ी वितरित की गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, करुणा और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिविर के दौरान लाभार्थियों को व्हीलचेयर, वॉकर, ट्राईपॉड, स्पाइन सपोर्ट बेल्ट, एलएस बेल्ट, छड़ी, श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग जैसे उपकरण वितरित किए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, एकल महिलाएं और अनाथ बच्चे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और संसाधनों के अभाव में कोई पीछे न रह जाए। मंत्री धर्माणी ने जिला प्रशासन, रेड क्रॉस और एलिम्को की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर समाज में सहानुभूति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। इस अवसर पर एसडीएम गौरव चौधरी, रेड क्रॉस के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में लाभार्थी व उनके परिजन उपस्थित रहे।