मौसम के करवट लेने से किसानों को खड़ी फसल की चिंता है। जगाधरी अनाज मंडी में गेहूं के धीमे उठान के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मंडी में आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन उठान की रफ्तार बेहद सुस्त होने से पूरा परिसर अट गया है। हालात यह हैं कि गेहूं की ढेरियां मंडी के गेट तक पहुंच चुकी हैं, जिससे आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। किसानों को अपनी फसल बेचने और भुगतान पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि कई दिनों से उनकी फसल मंडी में पड़ी है, लेकिन न तो समय पर उठान हो रहा है और न ही पर्याप्त खरीद की व्यवस्था दिखाई दे रही है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। वहीं, आढ़तियों और मजदूरों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है। स्थिति को और गंभीर बना रहा है बदलता मौसम। आसमान में बादल छाए रहने और मौसम के करवट लेने से किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। अगर बारिश होती है तो खुले में रखी गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उठान की गति बढ़ाई जाए और फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।