डेरा संतपुरा में ब्रह्मज्ञानी संत निश्चल सिंह जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विशेष गुरमत समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ के भोग से हुई, जिसके उपरांत संगतों ने मिलकर श्री सुखमनी साहिब का पाठ किया और गुरु घर की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर संत जय दयाल सिंह फिजियोथैरेपी सेंटर का उद्घाटन भी किया गया। डेरा संतपुरा यमुनानगर के प्रधान महंत कर्मजीत सिंह सेवापंथी और जनरल सेक्रेटरी एमएस साहनी ने बताया कि संत निश्चल सिंह जी का जन्म 18 अप्रैल 1882 को मंडी बहाउद्दीन (अखंड भारत) में हुआ था। बाद में वे यमुनानगर आकर बस गए और डेरा संतपुरा की स्थापना की। अपने जीवन में गुरमत प्रचार-प्रसार के साथ-साथ समाजसेवा के कई कार्य किए और विशेष रूप से बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया। उनका मानना था कि एक लड़की को शिक्षित करने से दो परिवारों को लाभ मिलता है। डेरा संतपुरा में भवन का नवीनीकरण कार्य जारी है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए टॉयलेट व वाशरूम भी बनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि व गणमान्य लोग उपस्थित रहे।